-योगियों ने लिया संकल्प योग और यौगिक श्वास के द्वारा कोरोना वायरस को भगायेंगे

-कोरोना से करूणा की ओर-स्वामी चिदानन्द सरस्वती


एस के विरमानी/ऋषिकेश, 16 मार्च। परमार्थ निकेतन में हैप्पी जैक येाग के सदस्यों ने योग और ध्यान की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण लिया। इस दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया। 

डब्ल्यू एच ओ द्वारा घोषित वैश्विक महामारी कोविड - 19 के प्रति हैप्पी जैक योग दल के सदस्यों को जागरूक करते हुये स्वामी चिदाानन्द सरस्वती ने कहा कि इस क्षेत्र में जो भी नये लोग आ रहे है उन्हें भी कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करे तथा उन्हें सावधानियों के बारे में बताये। किसी भी व्यक्ति को बुखार,जुकाम, खाँसी और सांस लेने में किसी भी तरह की दिक्कत हो तो तुरंत डाॅक्टर से सम्पर्क करने की सलाह दे ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके।

स्वामी ने सभी योग साधकों को रूद्राक्ष की माला देकर कहा कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि प्रत्येक व्यक्ति योग,श्वास,प्राणायाम,ध्यान और विश्व शान्ति हेतु जप करे। 
                                        

गिलोय, कालीमिर्च, तुलसी, अदरक, दालचीनी को पानी में उबालकर थोड़ी-थोड़ी देर में सेवन करे रहे और प्राणायाम के माध्यम से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है।स्वामी ने कहा कि योग, प्राणायाम और आयुर्वेद के द्वारा कोविड - 19 से बचा जा सकता है। 

कोरोना वायरस को फैलने से रोकना सबसे बड़ी चुनौती है उसे फैलने से रोकना इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को सावधानी बरतनी होगी। करोना वायरस के कारण जीवन रक्षा के साथ ही अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है इस सब से उबरने के लिये योग,प्राणायाम,आयुर्वेद और मनुष्य की इच्छाशक्ति बहुत जरूरी है।

कोरोना वायरस को लेकर अभी भी जन जागरूकता का अभाव है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये व्यापक प्रयास करने की जरूरत है क्योकि यह सम्पूर्ण मानवता के लिये गंभीर खतरा बनता जा रहा है। स्वामी ने कहा कि कोरोना वायरस के संकट से उबरने के लिये सभी को एकजुट होना होगा। अपने साथ अपने परिवार और पड़ोसियों की चिंता करते हुये ’सर्वे भवन्तु सुखिनः’ को आत्मसात करते हुये बचाव के लिये आगे आये और मिलकर प्रयास करे।
                                       

स्वामी ने योगियों को रूद्राक्ष की माला देते हुये कोरोना के प्रति लोगो को जागरूक करने का संकल्प कराया और इसके लिये मिलकर प्रयास करने का संदेश दिया। हैप्पी जैक योग के सदस्यों को स्वामी ने जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुये कहा जल संकट भी एक वैश्विक चुनौती है उसके लिये भी हम सभी को अभी से जागरूक होना होगा।

हैप्पी जैक योग के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन से विदा लेते हुये कहा कि परमार्थ निकेतन में दिव्यता, पवित्रता और शान्ति का समन्वय है। यहां आकर लगता है हम स्वर्ग में आ गये है। जीवन के स्वर्ग बनाने के लिये इससे उपयुक्त स्थान कहीं पर नहीं है।

स्वामी ने कहा कि अपने जीवन में योग, करूणा और अहिंसा का अभ्यास करते हुये योग के यम-नियम युक्त जीवन जीने से काफी हद तक इस तरह की सम्स्याओं से बचा जा सकता है।
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