-कोरना वायरस के संदिग्ध मरीजों के लिए सुरक्षित हैं 12 बेड 

-प्रभारी अपर सचिव स्वास्थ्य व चिकित्सा पंकज कुमार पांडे ने किया आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण

-बेड़ों की संख्या बढ़ाने के दिए निर्देश



दिनेश सिंह सुरियाल/ऋषिकेश।कोरोना वायरस जैसी बीमारी से लड़ने के लिए राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश ने भी अस्पताल के चौथी मंजिल पर आइसोलेशन वार्ड की स्थापना करते हुए कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए 12 बेड़ सुरक्षित किए हैं। जिसका सोमवार को प्रभारी अपर सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पंकज कुमार पांडे ने निरीक्षण किया। कोरोना वायरल जैसी खतरनाक बीमारी को देश के साथ ही प्रदेश में भी महामारी घोषित किया गया है। 


जिससे निपटने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। जिसके तहत तीर्थ नगरी के एकमात्र राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश ने भी कोरोना वायरस जैसी बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है। 


अस्पताल प्रशासन ने जहां अस्पताल की चौथी मंजिल पर आइसोलेशन वार्ड बनाकर कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए 12 बेड़ लगाए हैं वहीं अस्पताल की साफ-सफाई, मशीनें सहित सभी अन्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कर दिया गया है। सोमवार को प्रभारी अपर सचिव स्वास्थ्य व चिकित्सा पंकज कुमार पांडे ने अस्पताल व आइसोलेशन वार्ड का औचक निरीक्षण किया व आइसोलेशन वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। 


इस दौरान उन्होंने अस्पताल के अन्य वार्डों का भी निरीक्षण किया व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तथा सीएमएस को सभी जरूरी व्यवस्थाओं को पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने सीएमएस से आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ को भरने के भी निर्देश दिए। जिससे कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के इलाज में कोई भी व्यवधान पैदा ना हो। 

                                      

सीएमएस नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रभारी सचिव को अवगत कराया कि उन्होंने अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाकर उसमें 12 बेड़ लगाए हुए हैं मगर अस्पताल में   चिकित्सक,फार्मेसिस्ट, एएनएम सहित अन्य स्टाफ की बहुत कमी बनी हुई है। जिससे काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

                                          

इस मौके पर स्वास्थ्य निदेशक एसके गुप्ता, डा. सीपी त्रिपाठी,नोडल अधिकारी रोहित उपाध्याय, नेत्र चिकित्सक बीएस टोलिया,फार्मेसिस्ट भगवती प्रसाद भट्ट, कुसुम पाल,दीपका दास मरियम, वासुदेव आदि मौजूद थे।
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