-तनावपूर्ण स्थिति के बीच घटना का शांतिपूर्ण  निकलने से प्रशासन ने ली राहत की सांस

एस के विरमानी/ऋषिकेश-नगर निगम महापौर अनिता ममगाई के हस्तक्षेप के बाद पार्षद राजेंद्र सिंह बिष्ट व त्रिवेणी घाट के व्यापारियों के बीच मारपीट के बाद  हुए विवाद का पटाक्षेप हो गया। महापौर ने शहर हित को देखते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। 

इस समझौते से स्थानीय प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।गौरतलब है कि कल रात पोस्ट ऑफिस के निकट एक ठेली वाले से इन्दिरा नगर क्षेत्र की महिला द्वारा पर्स की चेन खराब होने के बाद वापसी को लेकर मामूली कहासुनी ने एक बड़े झगड़े का रूप ले लिया था।महिला द्वारा सूचना पर मौके पर पहुंचे पार्षद राजेंद्र बिष्ट व उनके साथियों की व्यापारियों से मारपीट हो गई थी ।आरोप था कि पार्षद द्वारा अपने साथियों के साथ व्यापारी की बुरी तरह से पिटाई की गई ।

आक्रोशित व्यापारियों ने मामले की तहरीर घाट रोड़ पुलिस चौकी में दी थी ।मगर कोई कार्रवाई होती हुई ना देख उनका आक्रोश भड़क गया और उन्होंने कोतवाली का घेराव कर पार्षद राजेंद्र सिंह बिष्ट की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी न होने पर ऋषिकेश के बाजार बंद की घोषणा कर दी थी।

उधर निगम के तमाम पार्षद भी अपने साथी पार्षद को लेकर  एकजुट हो गए और उन्होंने मामले में बेववजह फंसाए जा रहे पार्षद बिष्ट पर किसी भी तरह की कार्रवाई होने पर व्यापारियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया । 
                                          

स्थिति को नाजुक होता देख अपने तमाम कार्यक्रमों स्थगित कर निगम मेयर ने मामले में हस्तक्षेप के लिए दोनों पक्षों में सुुलह की कोशिशें शुरु कर दी ।

लम्बी मशक्कत के बाद उन्होंने नगर निगम के स्वर्ण जयंती सभागार मामले की जांच कर रहे  पुलिस अधिकारी की मौजूदगी के बीच दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। 

इस दौरान घाट रोड़ व्यापार सभा के अध्यक्ष पवन शर्मा,वरिष्ठ व्यापारी नेता राजकुमार अग्रवाल सहित तमाम पार्षद मोजूद रहे।
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