एस के विरमानी/देहरादून 19 मार्च 2020,शहरी विकास निदेशालय द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम तथा बचाव के एहतियाती कदम उठाने में आशानुकूल तेजी दिखाई है। विभागीय सचिव शैलेश बगौली द्वारा इन प्रयासों को स्वयं मॉनिटर किया जा रहा है। निकायों को निर्देशित किया गया है कि भविष्य की तैयारियों के दृष्टिगत संक्रमितों को पृथक्कृत करके रखने तथा उनके उपचार हेतु अनुकूल भवनों को चिन्हित कर लिया जाए। इसके अतिरिक्त संक्रमण रोधी रसायनों की कमी के चलते सार्वजनिक स्थानों को विसंक्रमित किए जाने की कार्यवाही को किसी भी सूरत में रुकने दिया जाए।

शहरी विकास निदेशालय द्वारा अवगत कराया गया कि संक्रमण को समुदाय स्तर पर फैलने से रोकने हेतु निकायों द्वारा संक्रमण रोधी दवा का सार्वजनिक स्थलों में छिड़काव दिन में कम से कम 03 बार किया जाने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही आवश्यक सेवा प्रदान करने वाले कार्यस्थलों में भी तत्काल संक्रमण रोधी दवा का छिड़काव अनिवार्य रूप से कराना सुनिश्चित किए जाने हेतु दिशा निर्देश दिए गए ताकि आवश्यक वस्तुओं अथवा सेवाओं की आपूर्ति में कोई बाधा उत्पन्न ना हो।
                                      

शहरी विकास विभाग द्वारा राज्य भर में की गई गतिविधियों की आज की रिपोर्ट सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली ने बताया कि राज्य का पूरा शहरी विकास अमला नागरिकों को संक्रमण से दूर रखने के बचाव कार्यों में लगया जा चुका है।19 मार्च को राज्य भर के समस्त निकायों में 2017 अतिरिक्त कार्मिकों के सहयोग से 10685 लीटर संक्रमण रोधी दवा का छिड़काव किया गया तथा 6535 मास्क एवं सेनेटाईजर स्वच्छता सैनिकों को वितरित किए गए। इसके साथ ही 31 मलिन बस्तियों में संक्रमण रोधी दवा का छिड़काव किया गया। प्रदेश की समस्त निकयों में लगभग 280 प्रचार वाहनों तथा 311 होर्डिंग  के माध्यम से लोगों को जागरूकता संदेश दिए गए।


शहरी विकास विभाग की टीम ने राज्य भर में अतिरिक्त सतर्कता के दृष्टिगत 72 बस स्टेशनां, 392 कार्यालयों, 13 रेलवे स्टेशन 95 टेक्सी स्टेंड, 347 सार्वजनिक शौचालय,176 बाजार क्षेत्रों,87 पार्कों,242 विद्यालयों,70 ऑटो रिक्शा स्टेंड तथा 194 नालों को विसंक्रमित किया गया।इसके अतिरिक्त 184 स्थानों से कूड़े के ढेरों को हटाया गया।


निकायों को रखनी है अगले 15 दिनों की पूरी तैयारी राज्य के समस्त 91 शहरी निकायों को निर्देशित किया गया है की आवश्यक सामग्री यथा छिड़काव हेतु संक्रमणरोधी दवा,छिड़काव हेतु स्प्रे मशीन, मास्क,सेनिटाईजर,जन-जागरूकता सामग्री इत्यादि की समुचित उपलब्धता न्यूनतम आगामी 15 दिवसों हेतु अपनी निकाय में सुनिश्चित कर लें। 


यदि निकाय के पास उपरोक्त सामग्री की समुचित उपलब्धता न हो तो तत्काल उपरोक्त सामग्री का आगामी 15 दिवसों हेतु क्रय करना सुनिश्चित करें।एंटी लिटरिंग, एंटी स्पिटिंग एक्ट है औजार सार्वजनिक स्थलों को गंदगी मुक्त करने हेतु निकायों में अतिरिक्त कार्मिक (तात्कालिक आवश्यकतानुसार) को लगा कर विशेष सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर एंटी लिटरिंग,एंटी स्पिटिंग एक्ट के तहत कार्यवाही की जा सकती है।नगर निकायों के कार्यपालक अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सफाई निरीक्षक, उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारी जो कि निरीक्षक से नीचे की श्रेणी के ना हों,राजस्व अधिकारी जो कि राजस्व निरीक्षक से नीचे की श्रेणी के ना हों तथा जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित अधिकारी इत्यादि कर सकते हैं चालान।
                                    

अब तक अप्रैल 2019 से दिसम्बर 2019 तक ही कुल 2800 चालानों के माध्यम से रुपए 30.72 लाख के चालान काटे जा चुके हैं। संक्रमित व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा।आपदा मद से वित्तीय सहयोग ले पाएंगे निकाय कोरोना संक्रमण से बचाव व रोकथाम कार्यों हेतु निकायों में उपलब्ध चतुर्थ राज्य वित्त,14वें वित्त अथवा बोर्ड फण्ड की धनराशि का उपयोग कर सकते हैं। 

जिन निकायों के पास उपरोक्त मदों में धनराशि उपलब्ध नहीं है, वह जिला आपदा राहत कोष से वित्तीय सहयोग अनुरोध कर सकते हैं। ऐसा किए जाने पर इसकी सूचना निदेशालय को भी प्रेषित की जाए।स्वयं की सुरक्षा के भी करें पुख्ता इंतजाम यह भी निर्देश दिया गया है कि निकायन्तर्गत समस्त पर्यावरण मित्रों तथा स्वयं को कोविड-19 के संक्रमण से बेहतर सुरक्षा प्रदान किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। यदि स्वयं सुरक्षित रहेंगे तभी आप नागरिकों को भी उच्च स्तरीय सेवा प्रदान कर सकेंगे तथा इस संक्रमण से बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकेंगे।

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