देहरादून एस के विरमानी। 8 जनवरी20 20 को वादी मुकदमा  नंदनी (काल्पनिक नाम )द्वारा थाना कैंट पर लिखित सूचना देकर अंकित कराया की  मेट्रोमोनियल साइट पर 2 माह पूर्व  मनीष गुप्ता नाम के व्यक्ति से मेरी जान पहचान हुई उसने मुझे बड़े-बड़े सपने दिखाकर  शादी का झांसा दिया और स्वयं को एक स्टील कंपनी नोएडा का  स्वामी होना बताया ओर दिनांक 9 नवंबर 2019 को मेरा जन्मदिन सेलिब्रेट करने के लिए मेरे घर आया और मेरे माता-पिता को भी विश्वास में लेकर मेरा जन्मदिन मनाया और मुझे अपने साथ मसूरी होटल में घुमाने की बहाने से ले गया जहां मेरे मना करने के बावजूद उसने मुझे शादी का झांसा देकर मेरे साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाएं उसके बाद वह मुझे शादी की तैयारी करने के लिए कहकर चला गया।

नोएडा पहुंच कर उसने मुझे कहा कि मैंने तुम्हारी शादी के लिए  बड़ी मात्रा में ज्वेलरी खरीद रखी है  उसके लिए मुझे  ₹500000 की आवश्यकता है जब मैंने मना किया था उसने मुझे धमकाया कि तुम्हारी फोटो वीडियो मेरे पास है मैं इसे वायरल कर दूंगा उसकी धमकी से डर के कारण मैंने  उसके कहे अनुसार उसके अकाउंट में धीरे-धीरे कुल मिलाकर ₹1000000 जमा कर दिए पैसा पहुंचने के बाद उसका मकसद पूर्ण हो गया और उसने  मेरा फोन उठाना बंद कर दिया  और सोशल साइट पर भी मुझे ब्लॉक कर दिया उक्त तहरीर के आधार पर थाना कैंट पर मुकदमा अपराध संख्या 9/20 धारा 420 में अभियोग पंजीकृत किया गया जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक विवेक राठी के सुपुर्द की गई। 

विवेचना ग्रहण करते हुए मुकदमे के विवेचक द्वारा साक्ष्य के आधार पर दौरान ए विवेचना धारा 376 आईपीसी की वृद्धि की गई उक्त प्रकरण महिला संबंधी गंभीर अपराध होने के कारण पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद देहरादून के निर्देशन में मामले की गंभीरता के दृष्टिगत इस शातिर ठग की धरपकड़ हेतु पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी मसूरी के निकट पर्वेक्षण में विशेष अभियान चलाया गया। 
                                     

जिस क्रम मे कूल तीन टीम बनाई गई ( 02 ) टीम वर्दी ओर (01) टीम सदा में तैयार की गए जिनके द्वारा अभियुक्त मनीष की  गिरफ्तारी हेतु सर्विलांस और मुखबिर से समन्वय स्थापित कर  दिल्ली/गौतम बुध नगर/उत्तर प्रदेश के इसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई उक्त सूचना पर लगन ओर मेहनत से कार्यवाही करते हुए 6 फरवरी 2020 को प्रभारी कोतवाली कैंट के नेतृत्व में  गठित टीम द्वारा कोतवाली कैंट क्षेत्र बल्लीवाला फ्लाईओवर के पास से इस अभियुक्त समय 1.05 P.m बजे गिरफ्तार किया गया जिसके कब्जे से वादी मुकदमा के पैसों से खरीदी गई होंडा सी.आर. के कार व उनके दो एटीएम आधार कार्ड तथा  अन्य पीड़ितों के आधार कार्ड और एटीएम कार्ड  बरामद हुए।गिरफ्तार युवक की जानकारी मनीष गुप्ता पुत्र ललित अग्रवाल निवासी 134A 1. 20 फर्स्ट फ्लोर पश्चिम विहार न्यू दिल्ली हाल हाउस नंबर 7 गली नंबर 2 सी.बी.आर वेस्ट राजीव नगर गुड़गांव हरियाणा उम्र 40 से हुई।

अभियुक्त द्वारा पूछताछ पर बताया कि मैं स्टील एजेंट मैं एजेंट का कार्य करता हूं और लोगों को सस्ते दामों पर स्टील उपलब्ध कराता हूं मुझे इस इस काम में काफी समय से लगातार नुकसान हो रहा था नुकसान के कारण मेरे घर की स्थिति भी सही नहीं थी और मुझ पर काफी लोगों का कर्जा हो गया था इस कार्य को निपटाने के लिए मैंने मेट्रोमोनियल साइट पर सीधी साधी लड़कियों को शादी का झांसा देकर गुमराह करने की योजना बनाई योजना के अनुरूप नंदिनी नाम काल्पनिक नाम की लड़की से मेरी दोस्ती हो गई वह मेरी बातों में आ गई मैंने उसे अपने आपको स्टील कंपनी का मालिक बताया था जब मैंने उसे शादी का झांसा दिया तो मैं उससे मिलने देहरादून भी आया था  फिर मैं उसे मसूरी ले गया जहां मैंने उसे शादी करने का वादा किया और से शारीरिक संबंध बनाया।

जिसके बाद मैं वापस नोएडा चला गया परंतु मुझे पैसों की सख्त आवश्यकता थी इसलिए मैंने नंदनी को डराया कि तेरी फोटो वीडियो मेरे पास पड़ी हुई है मैं इसे वायरल  कर दूंगा वह डर गई उसने मेरे अकाउंट में एक माह के अंदर ₹1000000 जमा कर दिए उन 1000000 से मैंने एक कार जो आपने बरामद की है खरीदी और अपना उधार चुकाया कुछ पैसे मैंने अपने घूमने फिरने में खर्च कर दिए उसके बाद मैंने मकसद पूरा हो जाने के बाद नंदनी से सारा संपर्क तोड़ दिया  परंतु मुझे मेरे खिलाफ लिखें मुकदमे की जानकारी हो गई थी है जिसके बाद में घर से फरार हो गया जब पुलिस टीम मुझे मेरे घर नोएडा गौतम बुध नगर यूपी में ढूंढ रही थी तो मेरे वकील ने मुझे  देहरादून आने के लिए समझौता करने के लिए बुलाया था मैं किसी तरह अपने को छुपते छुपाते हुए देहरादून पहुंचा था कि पुलिस टीम द्वारा मुझे पकड़ लिया गया मैं पूर्व में भी इसी तरह महिलाओं से ठगी करने के कारण अशोक विहार दिल्ली से जेल जा चुका हूं।

बरामद माल में एक होंडा सी आर के  लग्जरी कार वादिनी मुकदमा के दो एटीएम व उनका आधार कार्ड अन्य पीड़ितों के आधार कार्ड और एटीएम कार्ड ओर अमित का अपराधिक इतिहास 465/16 u/s 420 ipc इसे गिरफ्तार करने में गठित पुलिस टीम में क्षेत्राधिकारी नरेंद्र पंत थानाध्यक्ष संजय मिश्रा उपनिरीक्षक विवेक राठी उपनिरीक्षक विजेंद्र सकलानी कॉस्टेबल संजय अभियुक्त गण को समय से माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
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