-देसंविवि भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिये संकल्पित: डॉ. चिन्मय पण्ड्या

हरिद्वार 5 फरवरी।विगत दिनों भारत सरकार के युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एकता एवं युवा शिविर के दौरान हुई प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करते हुए देसंविवि की एमबीए की छात्रा आशीना सावरकर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया। 


गुजरात के बडौदा में आयोजित इस कैम्प में बीएससी की छात्रा वंशिका ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। तो वहीं लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बीजेएमसी की छात्रा प्रेरणा शर्मा व बीबीए की छात्रा ट्विंकल अरोड़ा की प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली। इन छात्राओं  अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया। 

                                    

गुजरात के बडौदा व उप्र के लखनऊ शहर में आयोजित इस शिविर में देश भर के 21 विश्वविद्यालयों के करीब ढाई सौ एनएसएस स्वयंसेवकों ने भागीदारी की ।कार्यक्रम से लौटने पर छात्राओं ने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या से भेंट की। 


इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिये संकल्पित है। यहाँ के विद्यार्थी अपनी भविष्य संवारने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थियों में उनकी आंतरिक प्रतिभा को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। विद्यार्थी भी इसमें अपना शत प्रतिशत दे रहे हैं। 


उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवियों को शुभकामनाएँ दी। विवि प्रशासन के अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वक डॉ० उमाकांत इंदौलिया ने भी स्वयंसेवियों को बधाई दी।प्रतिभागियों ने अनुसार कि कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग राज्यों के लोकनृत्य, नाटक, गीत-संगीत, काव्य आदि की प्रस्तुतियों का क्रम चला। 


इसमें देसंविवि के विद्यार्थियों ने गढ़वाली व कुमाऊँनी लोकनृत्य प्रस्तुत कर सभी को मन मोहा। साथ ही सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए विवि द्वारा चलाये जा रहे रचनात्मक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों की खूब तालियाँ बटोरी। अचिंतत प्रतियोगिता में एमबीए की छात्रा कु. आशीना सावरकर व कु. वंशिका ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं बीजेएससी की छात्रा प्रेरणा शर्मा व बीबीए की ट्विंकल अरोड़ा ने उपस्थित जन समुदाय को अपनी प्रस्तुति से आकर्षित किया। 

                                         

इन्हें अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करते हुए देसंविवि को सम्पूर्ण देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। तो वहीं अचिंतत प्रतियोगिता में एमबीए की छात्रा कु.आशीना सावरकर को प्रथम स्थान मिला। विवि लौटने पर विवि प्रशासन  ने छात्राओं को स्वागत किया।
Share To:

Post A Comment: