देहरादून एस के विरमानी।दून पुलिस द्वारा हरियाणा/दिल्ली का मोस्ट वाण्टेड एक लाख का इनामी गैंगस्टर अनिल लीला पहलवान गिरफ्तार व एक पिस्टल बरामद ।अवगत कराना है कि पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज अजय रौतेला को सूत्रों से जानकारी मिली कि हरियाणा/दिल्ली का मोस्ट वाण्टेड एक लाख का इनामी व दिल्ली के मकोका सहित हत्या व फिरौती के कई गम्भीर मामलों में उद्घोषित गैंगस्टर अनिल उर्फ गंजा उर्फ लीला पहलवान पैरोल जम्प कर दून में नाम बदलकर रह रहा है तथा किसी गम्भीर घटना को कारित करने की फिराक में है । 

इस पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज द्वारा देहरादून पुलिस को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। उस समय शहर क्षेत्र में महत्वपूर्ण आपराधिक वारदातों के अनावरण के संदर्भ में किये जा रहे प्रयासों के दृष्टिगत सिटी पुलिस के व्यस्त होने के कारण उक्त सूचना पर कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रमेन्द्र डोबाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया,जिसमें क्षेत्राधिकारी विकासनगर भूपेन्द्र सिंह धोनी,पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल कार्यालय में नियुक्त उ0नि0 मौ0यासीन व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगणों को शामिल कर आवश्यक दिशा निर्देश देकर उक्त मोस्ट वाण्टेड गैंगस्टर की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु टीम को मामूर किया गया।
                                        

टीम द्वारा दौरान उच्चाधिकारी गणों को अवगत कराया कि उपरोक्त अभियुक्त का आपराधिक इतिहास एवं आपराधिक स्टेटस यह है कि अभियुक्त अलग - अलग ठिकानों पर रहता है।

उक्त अपराधी के ठिकानों की जानकारी के लिए उपनिरीक्षक मौ0 यासीन,थानाध्यक्ष नेहरु कालोनी दिलवर नेगी, कानि0 दीपप्रकाश, का0 विजय, का0 अभिषेक को सूचना को संकलित करने के लिए लगाया गया । 

गोपनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ कि उक्त अभियुक्त देहरादून में राजपुर एरिया में कहीं रह रहा है।इस पर पुलिस द्वारा और अधिक जानकारी एकत्रित की गयी एवं अभि0 के पुराने फोटो, वीडियो, हूलिया, रहन- सहन एवं उपयोग में लाये जाने वाले वाहनों की जानकारी की गयी।पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि वर्ष 2014 में अभि0 तिहाड़ जेल में निरुद्ध था उस दौरान देहरादून निवासी एक युवती जेल में मिलायी पर गयी थी जो कि उसकी पत्नी है।

जेल के रिकार्ड में टीम को उक्त अपराधी की पत्नी का फोटो व पहचान पत्र पुलिस को मिला जिस पर फोटो पर भी तलाश प्रारम्भ की गयी।टीमें लगातार प्रयास कर रही थी कि विगत कुछ दिन पहले उक्त अपराधी की पत्नी अपनी बेटी के साथ दिखी जिस पर पुलिस द्वारा उक्त महिला के सम्बन्ध में जानकारी कर उसे रैकी किया जो दून विहार में जाती दिखी।

पुलिस टीम द्वारा दून विहार एरिया को जीरोइंग किया गया । दून विहार के सभी मकानों की डिटेल प्राप्त की गयी सभी किरायेदारों के सम्बन्ध में जानकारी एकत्र की गयी।इस दौरान पुलिस टीम द्वारा उक्त सूचना की कन्फरमेशन के लिए संदिग्ध एरिया में गैस सिलेण्डर की डिलीवरी व सब्जी की ठेली लगायी गयी एवं इस प्रकार कई दिनो की मेहनत से पुलिस को दून विहार में मकान नं0 259 संदिग्ध लगा जिसपर कई दिनों से ताला लगा था इस प्रकार पुलिस टीम इस मकान में अभि0 का आना जाना तस्दीक होने पर उच्चाधिकारी गण को अवगत कराया गया। 

उनके आदेशानुसार उक्त मकान के आस-पास के समस्त क्षेत्र/सड़कों का एक ब्लू प्रिन्ट तैयार किया गया। विगत कई दिनों से उक्त मकान के आस-पास पुलिस द्वारा गोपनीय रुप से निगरानी कर यह सुनिश्चित किया गया कि उक्त मकान में मोस्ट वाण्टेड एक लाख रुपये का इनामी दुर्दान्त अनिल पहलवान ही अपने परिवार के साथ रह रहा है ।

दिनांक 06.2.2020 को टीम को ईनामी बदमाश के उक्त मकान में होने की पुख्ता जानकारी होने पर उक्त दिशा निर्देशों के अनुपालुन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा क्षेत्राधिकारी विकासनगर के नेतृत्व में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात निरीक्षक यशपाल बिष्ट,उ0नि0 मौ0 यासीन,एस0ओ0जी0 प्रभारी मय टीम तथा थानाध्यक्ष नेहरु कालोनी मय टीम की अलग -अलग टीम बनाकर बुलेटप्रुफ जैकेटों से लैस होकर अस्लाहों के साथ गैंगस्टर अनिल पहलवान की गिरफ्तारी हेतु राजपुर क्षेत्र के लिए रवाना किया गया। पुलिस टीम राजपुर रोड़ से दून विहार जाने वाले सभी रास्तों पर गोपनीय रुप से नाका लगाकर बैठ गयी एवं ऐतिहात के तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा देहरादून से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर गोपनीय रुप से सम्बन्धित थानों की टीम को उक्त कार व उक्त अभियुक्त की जानकारी देकर सतर्क चैकिंग के भी आदेश दिये गये।

पुलिस टीम दून विहार के रास्तों पर अभि0 के आने- जाने का इन्तजार कर रही थी कि तभी रात्रि करीब 07.40 पर अभि0 की कार राजपुर रोड़ से अन्दर आती हुई दिखी जिस पर टीम ने तुरन्त एक्शन लेते हुए कार का गोपनीय रुप से पीछा किया एवं जैसे ही यह कार मकान नं0 259 के पास पहुंची कार चालक उतरा । तीनों टीमों ने अपने कुशल कार्यक्षमता का परिचय देते हुए अपने को बचाते हुए कम से कम समय मे अभि0 को बिना मौका दिये घेर घोटकर कार सहित पकड़ लिया । पुलिस टीम को यह भी सूचना थी कि हो सकता है कि अभि0 के एसोशिएट सदस्य आस-पास रहते हों जिस पर अपने साथी को घिरा देखकर वे फायर कर सकते हैं इसलिए कम से कम समय में पुलिस द्वारा एरिये को चारों तरफ से कार्डन डाल दिया गया एवं बीपी जैकेट  के साथ अपने अस्लाहों को लोड करते हुए सतर्क दृष्टि रखते हुए मौके पर अभि0 से पूछताछ कर कन्फर्म होने पर कि यह मोस्ट वाण्टेड अनिल पहलवान ही है को गिरफ्तार किया एवं पूछताछ के लिए थाना नेहरु कालोनी ले गये । 
    
थाना नेहरु कालोनी पर अभि0 से गहनता से पूछताछ की गयी एवं अभि0 की निशानदेही पर अभि0की कार से एक .32बोर का पिस्टल बरामद किया गया एवं गिरफ्तारी की सूचना पर सभी वरिष्ठ अधिकारी गणों द्वारा अभि0 से पूछताछ की गयी । 

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास-पुलिस इन्सपैक्टर रामकिशन दहिया और अपने विरोधियों के हत्याकाण्डो समेत अपहरण और तमाम संगीन वारदातों के कुख्यात मुल्जिम अनिल पहलवान उर्फ गंजा वेटलिफ्टिगं में नेशनल लेवल पर हिस्सा ले चुका है तथा स्टेट लेवल का चैम्पियन रह चुका है । 

बहादुरगढ़, ग्राम नूना माजरा  निवासी अनिल पहलवान मोती लाल नेहरु कालेज का छात्र रहा है इसने पड़ाई छोड़कर अपने रिस्ते का भाई बबलू के साथ मिलकर नागल में जिम खोला था।बबलू ने अपनी पत्नी के ब्वाय फ्रैन्ड का मर्डर किया था बबलू से प्रेरित होकर अनिल ने सबसे पहले कार लूट की घटना को अन्जाम दिया तत्पश्चात इसके द्वारा किये गये अपराधों का विवरण इस प्रकार है-वर्ष 2011 -अनिल पहलवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2011 में रामलाल आनन्द कालेज से एक स्टूडैण्ट को उसकी कार समेत अगवा कर एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूल की थी ओर इसी वर्ष बहादुरगढ़ में पी0डी0एम0 युनिवर्सिटी के लेक्चरर को अगवा कर 20 लाख रुपये की फिरौती वसूल की ओर प्रशान्त विहार दिल्ली में एक कपड़ा व्यापारी के पुत्र को वैन्टो कार सहित 22 सैक्टर रोहिणी से अगवा कर एक करोड़ रुपये की फिरौती ली गयी ओर इसके बाद से अनिल पहलवान ने दिल्ली एनसीआर बुकीज से प्रोटैक्शन मनी लेना शुरु कर दिया जो अब तक जारी है ओर वर्ष 2011 में ही अनिल के साथी मनोज मोरखेड़ी के मौसी के लड़के को इन्सपैक्टर रामकिशन दहिया ने एन्काउण्टर में मार दिया था। 

भाई के एन्काउण्टर का बदला वर्ष 2013 में अनिल पहलवान व मनोज मोरखेड़ी ने रोहतक सिटी में इन्सपैक्टर रामकिशन दहिया की हत्या कर के लिया ओर गांव की ही रंजिश में अनिल पहलवान ने सरपंच देवेन्द्र की हत्या अपने साथियों के साथ मिलकर कर दी ओर वर्ष 2012 में अनिल पहलवान ने अपने ही गांव नूना माजरा में गांव की रंजिश के कारण सतीश उर्फ काणा का हत्या की ओर वर्ष 2013 में बहादुरगढ में ही राम गैस एजैन्सी के मालिक से फिरौती वसूल की थी ओर वर्ष 2014 में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अनिल पहलवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था वर्ष 2017 तक जेल में ही रहा ओर वर्ष 2017 में पैरोल पर छूटते ही बहादुरगढ़ में एक डिस्को वाले से 50 लाख की फिरौती की मांग की उसमे पुलिस द्वारा इसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया 
                                      


वर्ष 2018  के अन्त में अनिल पहलवान पुनः पैरोल पर आया तभी से लगातार फरार चल रहा था ओर अनिल पहलवान व इसके गैंग की बढ़ती दुःसाहसिक वारदातों के चलते दिल्ली पुलिस द्वारा अनिल व इसके गैंग के सदस्यों को मकोका में भी निरुद्ध किया गया ओर अनिल पहलवान उक्त के विरुद्ध पंजीकृत अभियोगों का विवरण निम्नवत् है- मु0अ0सं0 55/16 धारा 3/4 मकोका एक्ट थाना क्राइम ब्रांच दिल्ली  मु0अ0सं0 296/10 धारा 392/394 भादवि थाना पालम विहार जिला जीजीएम ।ओर मु0अ0सं0 86/11 धारा 364ए भादवि व A.Act थाना सिटी बहादुरगढ़ जिला झज्जर ओर मु0अ0सं0 47/11 धारा 364ए/386/120बी/34 भादवि थाना धौलाकुआ दिल्ली ओर मु0अ0सं0 81/13 धारा 449,302,34 भादवि व आयुध अधि0 थाना सिटी रोहतक जिला रोहतक ओर मु0अ0सं0 113/14 धारा 307,186,353 भादवि व आयुध अधि0 थाना क्राइम ब्रांच दिल्ली ओर  मु0अ0सं0 344/14 धारा 387,285,427,420,34 भादवि थाना सिटी बहादुरगढ़ जिला झज्जर ओर मु0अ0सं0 449/16 धारा 147,148,149,186,332,353,120बी भादवि थाना सिवाजी कालोनी रोहतक जिला रोहतक ओर मु0अ0सं0 239/17 धारा 148,149,386,378,506 भादवि व आयुध  अधि0 थाना सिटी बहादुरगढ़ जिला झज्जर ओर मु0अ0सं0 608/17 धारा 148,149,302,212,120बी भादवि थाना सिटी बहादुरगढ़ जिला झज्जर ओर बता दें पूछताछ का विवरणः मैं मूल रूप से नूना माजरा थाना बहादुरगढ जिला झज्जर हरियाणा का रहने वाला हूँ । मेरे घर में मेरे माता पिता व एक छोटा भाई है। मैं BA पास हूँ। मेरी एक बेटी भी है। मेरी पत्नी का मायका प्रिंस चौक के पास देहरादून में है। मैं अपनी पत्नी व बच्चे के साथ दून विहार जाखन राजपुर रोड देहरादून में एक वर्ष से किराये पर रहा हूँ, साहब मेरे खिलाफ दिल्ली हरियाणा राजस्थान में  हत्या अपहरण रंगदारी के कई मुकदमे दर्ज हैं तथा दिल्ली एवं हरियाणा मे मेरे ऊपर 1 -1 लाख का ईनाम घोषित है। मै वर्ष 2018 में दिल्ली से पैरोल पर आकर फरार हो गया था तथा फरार होकर अपनी पत्नी व बच्चे के साथ देहरादून आ गया था व दून विहार जाखन देहरादून मे किराये के मकान मे अपनी पहचान छुपाकर अपनी पत्नी व बेटी के साथ रह रहा था। मेरे पास जो गाडी न0 DL5CP 7753 बरामद हुई है वह मेरे रिस्तेदार के नाम पर है ।

इस गठित पुलिस टीम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रमेन्द्र डोभाल, पुलिस अधीक्षक नगर स्वेता चौबे,क्षेत्राधिकारी विकास नगर भूपेन्द्र सिंह धोनी,आई0जी0रेंज कार्यालय टीम-निरीक्षक यशपाल बिष्ट,उपनिरीक्षक यासीन,कानि0 अभिषेक,थाना नेहरु कालोनी टीम-थानाध्यक्ष दिलवर सिंह नेगी,उ0नि0 आशीष रावत,का0 854 दीप प्रकाश,का0 917 विजय,म0का0 शोभा सेमवाल,म0का0 ममता सैनी,एस0ओ0जी0 टीम-उ0नि0 मोहन ठकुन्ना,का0 देवेन्द्र ममगांई, का0 ललित,का0 अमित,का0 देवेन्द्र,का0 विपिन रहे।

पुरुस्कार -उपरोक्त शातिर गैंगस्टर की तलाश में दिल्ली हरियाणा की स्पेशल सेल टीम भी कई दिनों से देहरादून में सक्रिय थी जिनके द्वारा भी गैंगस्टर की तलाश में दिन- रात एक कर गिरफ्तारी के प्रयास किये गये।लेकिन दून पुलिस ने अपने कुशल कार्यक्षमता एवं टीम वर्क का परिचय देते हुए बिना जान-माल के नुकसान हुए उपरोक्त शातिर गैंगस्टर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।पुलिस महानिरीक्षक,गढवाल परिक्षेत्र द्वारा पुलिस टीम को 5000/- नगद ईनाम की घोषणा की गयी ।
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