-स्टेशन का नाम उर्दू भाषा में लिखे जाने पर जताया विरोध

ऋषिकेश-नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने रेलवे अधिकारियों को योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का नाम हिंदी,अग्रेंजी भाषा के साथ संस्कृत भाषा में लिखे जाने की मांग के साथ मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी को प्रेषित एक ज्ञापन भी सौंपा।
                                      

वृहस्पतिवार की पूर्वाह्न 3 बजे महापौर ऋषिकेश-हरिद्वार बायपास मार्ग स्थित निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन पहुंची।महापौर ने रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा,ज्ञापन में 
                                      
अवगत कराया गया कि नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र अंतर्गत सोमेश्वर नगर,गंगानगर,नंदू फार्म घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं जो रेलवे लाइन के किनारे स्थित है। 
                                    

उक्त क्षेत्र के निवासियों एवं पशुओं को रेलवे लाइन क्रॉस कर जंगल की ओर जाना पड़ता है। जोकि  सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है इससे भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।ज्ञापन  में रेलवे अंडर पास क्रासिंग 
                                      
निर्माण सहित जल निकासी हेतु नाली निर्माण की मांग की गई है। महापौर ने अधिकारियों को बताया कि देवभूमि ऋषिकेश करोड़ हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। 
                                      
योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का नाम हिंदी, अंग्रेजी भाषा सहित देवभाषा संस्कृत में लिखा जाना चाहिए। इस बाबत वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद डिविजन को पूर्व में पत्र भी प्रेषित किया गया था। लेकिन सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उत्तर रेलवे डिवीजन 
                                      
द्वारा ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का नाम संस्कृत से हटाकर उर्दू में लिखने हेतु निर्देशित किया जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस दौरान रेलवे अधिकारी सतीश चंद्र गुप्ता(प्रोजेक्ट मैनेजर),ओम प्रकाश मालगुड़ी(प्रोजेक्ट मैनेजर) पार्षद राकेश 
                                       
मिया,विजय बडोनी,मनीष मनवाल,प्यारे लाल जुगलान,बृजपाल राणा,सोहन लाल,चेत सिंह नेगी,दलीप सिंह बिष्ट,उषा जोशी,मुरारी सिंह राणा,ओम प्रकाश कुलियाल,विजय बिष्ट,गौरव केन्थुला,राजेश आदि भी मोजूद रहे।
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