ऋषिकेश। पुलिस उप-महानिरीक्षक /वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त थानों में लंबित वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के संबंध में लगातार एक अभियान चलाया जा रहा है।
          
जिसके अनुपालन में पुलिस अधीक्षक देहात परमेन्द्र सिंह डोभाल व क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत ऋषिकेश के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह कोतवाली ऋषिकेश के द्वारा टीम गठित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
    
उक्त आदेश के अनुपालन में गठित पुलिस टीम द्वारा उक्त वारंटी को गिरफ्तार करने हेतु उसके जमानतियो के विषय में जानकारी हासिल करते हुए अभियुक्त के प्राप्त हुए दोनों पते मुजफ्फरनगर, व अंबाला में जानकारी हासिल की। 

वहां जाकर आसपास के लोगों से पूछताछ कर अभियुक्त के विषय में जानकारी हासिल की गई जिस पर उक्त वारंटी अभियुक्त को जनपद मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया है।


ऋषिकेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार वारंटी की जानकारी संजीव गुप्ता उर्फ सोनू पुत्र महेंद्र नाथ गुप्ता निवासी- 1024 रामपुरी,थाना कोतवाली,जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश से ओर जो मूलनिवासी-निवासी मकान नंबर 5457 छोटी बाजार,अंबाला सिटी, चंडीगढ़ से मिली।वारंटी पर वाद संख्या-78/1995,धारा- 302/395 आईपीसी है।ओर बता दें वर्ष 1995 में  उक्त वारंटी अभियुक्त संजीव गुप्ता उर्फ सोनू के विरुद्ध कोतवाली ऋषिकेश में हत्या के अपराध में धारा 302/395  मैं मुकदमा पंजीकृत हुआ था।


जिसमें मृतक रविंद्र सिंह निवासी श्यामपुर की चाकू मारकर हत्या की गई थी। उक्त मुकदमे में निम्नलिखित चार अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया था।संजीव गुप्ता उर्फ सोनू पुत्र महेंद्र नाथ गुप्ता निवासी B-957 आईडीपीएल ऋषिकेश ओर किशन गुप्ता पुत्र  महेंद्र नाथ गुप्ता निवासी B-957 आईडीपीएल ऋषिकेश ओर संदीप वशिष्ठ निवासी आईडीपीएल,ऋषिकेश ओर अनिल निवासी सहारनपुर ओर उक्त मुकदमे में वारंटी अभियुक्त छः माह जेल में रहने के पश्चात जमानत में बाहर आ गया था।जो 23 मार्च 2002 में माननीय न्यायालय से उक्त मुकदमे मे दोषसिद्ध हुआ। 


जिस पर चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा हुई। उपरोक्त अभियुक्तों द्वारा इस फैसले के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल मैं अपील की गई थी, जो 9 दिसंबर 2011 को निरस्त हो गई। उपरोक्त अभियुक्तों मैं से  तीन अभियुक्त किशन गुप्ता, संदीप वशिष्ठ व अनिल का देहांत हो चुका है, व अभियुक्त संजीव गुप्ता उर्फ सोनू जमानत में आने के पश्चात वर्ष 2002 से फरार चल रहा था।


उक्त अभियुक्त के पिता महेंद्र नाथ गुप्ता आईडीपीएल फैक्ट्री में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत थे। हाल में यह लोग मुजफ्फरनगर में निवास कर रहे हैं। हाल में उक्त अभियुक्तट्रांसपोर्ट की गाड़ी चलाने का कार्य करता है।
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