-परमार्थ गंगा आरती में किया सहभाग

-विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की

-स्वामी ने यूएनएफपीए के पदाधिकारियों को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया

ऋषिकेश,3 जनवरी। परमार्थ निकेतन में यूनाइटेड नेशन फण्ड फाॅर पापुलेशन के पदाधिकारी भारत और भूटान की मुखिया पधारी। उन्होने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती से भेंटवार्ता की।
                                     

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष, संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था है। इसका कार्य महिला,पुरूष और बच्चों के समान अधिकार, स्वास्थ्य और आनन्दमय जीवन को बढ़ावा देने के लिये कार्य करना है।परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती के साथ यूनाइटेड नेशन फण्ड फाॅर पापुलेशन के पदाधिकारी की विशेष चर्चा हुई। स्वामी ने कहा कि ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस और यूनाइटेड नेशन फण्ड फाॅर पापुलेशन दोनों संस्थायें मिलकर विश्व स्तर पर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और सुविधाओं के लिये कार्य करे तो उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।साध्वी भगवती सरस्वती ने बताया कि ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस और यूनाइटेड नेशन फण्ड फाॅर पापुलेशन दोनों संस्थायें मिलकर उत्तराखण्ड की 
                                    

महिलाओं और युवाओं के लिये कौशल विकास ट्रेनिंग कार्यक्रम तैयार करने हेतु विचार कर रहे हैं। प्रथम चरण में इसे उत्तराखण्ड राज्य में लागू किया जायेगा तत्पश्चात इस पाठ्यक्रम को अन्य राज्य के लिये भी तैयार किया जायेगा। महिला सशक्तिकरण, बाल विवाह, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों के अधिकार, मासिक धर्म सुरक्षा, युवाओं को रोजगार परक शिक्षा प्रदान करना जैसे कार्यो को दोनों संस्थायें मिलकर करने हेतु एक पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष चर्चा हुई। साध्वी ने यूएनएफपीए के पदाधिकारियों को स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में भारत सहित विश्व के अन्य देशों में किये जा रहे सेवा कार्यो के विषय में जानकारी प्रदान की।स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने नवजात बच्चों के स्वास्थ्य के विषय में चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि हाल ही में यूनिसेफ द्वारा जारी की गयी रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2018 में दुनिया भर में जन्म लेने के पश्चात एक माह के भीतर मरने वाले बच्चों की संख्या 25 लाख हैं, सचमुच यह आंकड़ा अत्यंत भयावह हैं। किसी भी विकसित समाज के लिये यह 
                                     

आंकड़े चिंतन का विषय है। उन्होने कहा कि यूएनएफपीए और जीवा मिलकर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिये कार्य करे तो विलक्षण परिवर्तन हो सकता है। स्वामी ने प्रसन्नता व्यक्त की कि यूएनएफपीए मातृत्व एवं बाल विकास के अलावा महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं की प्रतिभा को पूर्ण विकसित करने के लिये भी कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि विकास लक्ष्यों को निर्धारित करने के साथ स्वास्थ्य सूचनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रत्येक व्यक्ति तक पंहुचाने के लिये प्रयत्न करना होगा। यूनाइटेड नेशन फण्ड फाॅर पापुलेशन के पदाधिकारियों ने परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया। वे आरती की दिव्यता देखकर अत्यंत प्रभावित हुये उन्होने कहा कि यह सब वास्तव में धर्म और आस्था का प्रभाव है। वेेे जीवा के साथ कार्य करने के लिये उत्सुक थे।स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया।
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