- गढ उत्सव में लोक कलाकारों ने अपनी प्रतिभा  के कराये दर्शन


ऋषिकेश- गढ़भूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति के बैनर तले आयोजित गढ उत्सव के प्रथम दिन  सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा के जरिए  समा बांध दिया ।उत्तराखंड की देवभूमि में सूपर संडे पूरी तरह से  गढ संस्कृति के नाम रहा।

समिति के तत्वावधान मे ढालवाला,14 बीघा मुनि की रेती क्षेत्र में  आयोजित गढ उत्सव के प्रथम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम मची रही। विभिन्न जगहों से आये कलाकारों ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।  कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत करते हुए  ऋषिकेश महापौर अनिता ममगाई ने क्हा कि उत्तराखंडी संस्कृति की धूम सिर्फ पहाड़ की वादियों तक ही सीमित नहीं रही है बल्कि देश और दुनिया भर में गढ संस्कृति को एक विशिष्ट पहचान मिलने लगी है।
                                   

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण में लोकगीतों एवं लोक कलाकारों का योगदान सराहनीय है ।पाश्चात्य संस्कृति के प्रति युवाओं के बढ़ते हुए रुझान को रोकने हेतू एवं अपनी लोकभाषा एवं लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए सभी लोगो को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा।  

उन्होंने उत्तराखंडी संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए समिति की ओर से किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना भी की। इससे पूर्व मुख्य अतिथि महापौर अनिता ममगाई, विशिष्ट अतिथि मुनी की रेती नगर पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी एवं समिति के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर गढ उत्सव का विधिवत रूप से शुभारंभ कराया। 

शिक्षाविद सुनील दत्त थपलियाल के संचालन में चले कार्यक्रम में  गढ़भूमि लोक संस्कृति अध्यक्ष आशा राम व्यास, पार्षद राकेश मिया, व्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल,मैत्री संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी,विशाल मणि पैन्यूली,धनीराम बिंजोल,भरतमणि,भगवती रतूड़ी, गजेंद्र कंडियाल, सुरेंद्र भण्डारी, निर्मला शर्मा,घनश्याम नोटियाल, महिपाल बिष्ट,अनिता डबराल, रवि नोटियाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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