पंडित अनिल कृष्ण महाराज 
ऋषिकेश।राम सेवा समिति के तत्वधान मैं बनखंडी महादेव के चरणों में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के पंचम दिवस में पंडित अनिल कृष्ण महाराज ने मां भगवती की महिमा का गुणगान किया।

उन्होंने शिवचरित्र सुनाया महाराज ने कहा दक्ष को जब अभिमान आया तो दक्ष की बेटी सती को अपनी ही पिता के यज्ञ में भस्म होना पड़ा,महाराज ने कहा दक्ष कहते अहंकार को और जहां अहंकार होगा वहां बुद्धि रूपी बेटी को सती होना पड़ेगा।

इसलिए जीवात्मा को अहंकार नहीं करना चाहिए महाराज ने कहा यह सारा जगत मिथ्या है। सत्य केवल परमात्मा है और हम उस सत्य रूपी परमात्मा को भूलकर इस जगत को ही अपना समझ बैठे हैं,परंतु सत्य तो यह है यह संसार शिव और शक्ति से बना है जब जीव आत्मा के भीतर से शक्ति निकल जाती है जीवात्मा शिव नहीं रहता शव बन जाता है। 

इसलिए प्रत्येक जीवात्मा को मां भगवती का चिंतन करना चाहिए भजन करना चाहिए क्योंकि वह मां भगवती हर जीवात्मा के भीतर चेतन रूप में विराजमान है। बुद्धि रूप में शक्ति रूप में अन्नपूर्णा रूप में विराजमान है महाराज ने कहा यदि सनातन धर्म रहेगा तो गोकन्या बचेगी।

आज भारत में सबसे ज्यादा दुर्दशा गोकन्या और गंगा की है गाय को कत्लखाने में ले जाकर मारा जाता है कन्याओं को गर्भ में मार दिया जाता और गंगा को दूषित किया जाता है अगर गौ गंगा और कन्या सुरक्षित नहीं रहेगी तो भारत का अस्तित्व मिट जाएगा।

इसलिए प्रत्येक प्राणी का कर्तव्य है मातृशक्ति की रक्षा करें गाय की रक्षा करें गंगा को स्वच्छ रखें एवं मां भगवती की उपासना करें क्योंकि वह मां सब कुछ देने वाली है दुष्टों का संहार करने वाली है मां भगवती के 16 शक्तियों का वर्णन महाराज ने सुनाया कहा मां भगवती दक्ष के यहां 16 रूपों में विराजमान हुई वैसे तो दक्ष की अनेक कन्याएं हुई परंतु विशेष रूप से षोडश मातृका एवं गौरी रूप में मां भगवती का विशेष पूजन किया जाता है। 

इस अवसर पर राम सेवा समिति के अध्यक्ष विरेंद्र नौटियाल,योगेश नवानी,शुभम भट्ट,नीरज उनियाल,सौरभ भट्ट,मां गंगा कीर्तन मंडली मंमगाई प्लॉट कीर्तन मंडली,राधा स्वामी सत्संग भवन चेतना कीर्तन मंडली एवं समस्त मातृशक्ति मौजूद रहे।मां भगवती कालीमठ डोली ने भक्तों को आशीर्वाद दिया।
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