-गौरव बोध का महापर्व है गणतंत्र दिवस- डॉ.पण्ड्या

हरिद्वार 27 जनवरी।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ में 71वाँ गणतंत्र दिवस उल्लासपूर्वक मनाया गया।शांतिकुंज परिसर में गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ प्रणव पण्ड्या एवं शैलदीदी ने तिरंगे का पूजन किया तो वहीं देसंविवि में कुलाधिपति ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।इस अवसर पर अपने संदेश में कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने कहा कि गणतंत्र दिवस गौरव बोध का महापर्व है। यह स्वाभिमान जगाने का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि सबसे सशक्त गण तंत्र वाला देश भारत है।विषम परिस्थितियों के बीच यह महापर्व हम सभी के लिए एक विशेष संदेश लेकर आया है। कुलाधिपति ने कहा कि देश की गौरव गरिमा को अक्षुण्य बनाये रखने लिए अपना समय, प्रतिभा लगाने हेतु सभी को तैयार रहना चाहिए। राष्ट्रोत्थान में गीता का संदेश देते हुए कहा कि आज अपने भीतर को जगाने की जरूरत है। भीतर जागेगा तभी मनुष्य जागेगा और राष्ट्र का उत्थान होगा। 
                                     

संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने भारत की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ राष्ट्रोत्थान के कार्यों में जुटने का आवाहन किया। इससे पूर्व गायत्री विद्यापीठ के नन्हीं-नन्हीं बच्चियों ने सरस्वती वंदना पर मनमोहक नृत्य कर उपस्थित जनसमुदाय को देशप्रेम के लिए उल्लसित किया, तो वहीं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद कर उनके बलिदान को नमन किया। देसंविवि के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीयता के भाव को जागृत करने वाले विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस दौरान देशभक्ति गीतों के माध्यम से वैचारिक क्रांति का सुन्दर संदेश दिये गये। इस अवसर पर गायत्री विद्यापीठ एवं देसंविवि के स्काउट-गाइड के बच्चों ने मुख्य अतिथि को गार्ड आफ ऑनर दिया।
                                   



                   एक शाम-शहीदों के नाम
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में 71वाँ गणतंत्र दिवस के मौके पर विशेष ‘एक शाम-शहीदों के नाम’ का आयोजन हुआ। जिसमें पंचवेदी क्रिएशन देहरादून के कलाकारों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के जीवनी पर आधारित प्रेरणादायी नृत्य नाटिका ने सभी को भावविभोर कर दिया, वहीं बाल कलाकार नेगी बंधु द्वारा शहीदों के बलिदान पर आधारित गीत प्रस्तुत किया गया। शांतिकुंज की महिला मंडल, संगीत विभाग के भाइयों, त्रैमासिक संगीत प्रशिक्षण सत्र के प्रशिक्षणार्थी, देसंविवि के विद्यार्थियों ने भी शहीदों को नमन करते हुए संगीत प्रस्तुत किये। तो वहीं गायत्री विद्यापीठ के नौनिहालों ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगों ...’ गीत पर बैण्ड धुन की मनमोहक प्रस्तुती ने संध्याकालीन सत्र को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं शैलदीदी ने उपस्थित जनसमुदाय को राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्य को बोध कराते हुए संकल्प कराया। इस दौरान गायत्री विद्यापीठ की चेयरपर्सन शेफाली पण्ड्या, व्यवस्थापक  शिवप्रसाद मिश्र, प्रज्ञा अभियान के संपादक श्री वीरेश्वर उपाध्याय सहित शांतिकुंज,देसंविवि, गायत्री विद्यापीठ परिवार सहित विभिन्न साधना शिविरों में आये लोग उपस्थित रहे।
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