ऋषिकेश।हिन्दू धर्म में वर्ष भर में मनाए जाने वाले त्योहारों में मकर संक्रांति का त्योहार विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक चेतनाओं की जागृति का पर्व है जो भारत में बहुत विराट स्वरूप में मनाया जाता है। इस बार मकर संक्रांति को लेकर एक विशेष स्थिति बनी हुई है। असल में जिस दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होता है उस दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है।


आज इंद्रानगर इंद्रेश्वर महादेव सिद्ध पीठ मंदिर में भी मंदिर समिति के अध्यक्ष बालेस गोयल के नेतृत्व में खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया जिसमें समिति के सदस्य और पदाधिकारियों ने अपना सहयोग प्रदान कर और मंदिर में आए सैकड़ों भक्तों ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।

                                                                           

आपको बता दें इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर और आह्वान अखाड़ा के महंत दुर्गा राम चरण दास गिरी ने बताया ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य एक राशि में एक माह तक संचरण करता है तथा फिर अगली राशि में प्रवेश करता है। इस प्रकार सूर्य बारह राशियों के राशि चक्र को एक वर्ष में पूरा करता है। सूर्य जब भी एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसे ही संक्रांति कहा जाता है। 

                                                                                   
     
इस प्रकार एक वर्ष में सूर्य की कुल बारह संक्रांतियां होती हैं पर इनमें मकर संक्रांति सबसे ज्यादा महत्व रखने वाली। सूर्य जिस दिन धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है उसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। ज्योतिष में मकर राशि का स्वामी शनि को माना गया है और मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि के घर में प्रवेश करते हैं इसलिए इस दिन का बहुत विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति के दिन से ही उत्तरायण का भी आरम्भ होता है जो मकर संक्रांति के पर्व की महत्ता को और ज्यादा बढ़ा देता है। उत्तरायण शुरू होने से दिन बड़ा होने लगता है तथा रात छोटी होती हैं।सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है। मकर संक्रांति के दिन खर मास समाप्त होकर सभी शुभ मंगल कार्य शुरू हो जाते हैं।

                                                                              

मकर संक्रांति पर तीर्थ स्नान,पूजन,जप,तप,अध्यात्मिक साधना और यज्ञ आदि का तो विशेष महत्व होता ही है पर इस दिन किए गए दान बहुत बड़ा महत्व बताया गया है इसलिए इस दिन अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार सभी खाद्य पदार्थ या वस्त्र आदि अवश्य दान करें।और बता दे बच्चों ने भी मकर सक्रांति के पर्व पर पतंग उड़ा कर आनंद लिया।मौके पर वी के जैन,जीएम टीएचडीसी अतुल जैन,ओमपाल अग्रवाल,कुसुम अग्रवाल,महेश गोयल,सुभाष ओर अन्य सेकड़ो भक्त जन ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
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