-नम आंखों से अपने प्रिय  अश्विनी को लोगों ने दी  भावभीनी अंतिम विदाई 

-अश्वनीमय हो गया हरिद्वार हर की पैड़ी का गंगा तट 

-गंगा सभा,गीता कुटीर तपोवन,  पतंजलि योगपीठ प्रेस क्लब हरिद्वार ने अश्वनी को बताया कलम का वीर और निडर योद्धा

हरिद्वार एस के विरमानी। 26 जनवरी। पंजाब केसरी दिल्ली के प्रधान संपादक, निर्भीक पत्रकार ,कलम वीर और पूर्व सांसद दिवंगत अश्विनी कुमार चोपड़ा की अस्थियां वैदिक विधि-विधान के साथ आज हर की पैड़ी पर गंगा में विसर्जित की गईं । 

उनके बड़े बेटे आदित्य नारायण चोपड़ा ने अपने छोटे भाइयों आकाश चोपड़ा और अर्जुन चोपड़ा के साथ मिलकर अपने पिता स्वर्गीय अश्विनी कुमार चोपड़ा के अस्थि अवशेष मां गंगा की गोद में भावुक माहौल में समर्पित किए। इस भावुक क्षण की साक्षी बने अश्विनी चोपड़ा की अर्धांगिनी किरण चोपड़ा और उनके अन्य परिजन। 
                                        

सभी ने अपने प्रिय अश्विनी कुमार चोपड़ा को अश्रुपूर्ण नेत्रों से भावभीनी अंतिम विदाई दी।इस मौके पर अश्विनी कुमार चोपड़ा के बड़े बेटे आदित्य नारायण चोपड़ा की पत्नी सोनम चोपड़ा और उनके दोनों बेटे आर्यवीर और आर्यन ही मौजूद थे।आदित्य  नारायण चोपड़ा अपने पिता अश्विनी कुमार चोपड़ा का अस्थि कलश लेकर दिल्ली से हरिद्वार हरकी पैड़ी पर आज दोपहर  पहुंचे थे। 

उनके साथ उनकी  मौसी प्रेम बीना शर्मा,मधु शर्मा,सोनिया सूरी, गीता चोपड़ा,उनके मौसा  शिव शंकर शर्मा,उनके साले धीरज अरोड़ा तथा अन्य परिजन और बंधु -बांधव साथ आए थे।
           
हर की पैड़ी पर अश्विनी कुमार चोपड़ा के अस्थि अवशेष की क्रिया का कार्य गंगा सभा हर की पैड़ी के संयोजन में तथा गीता कुटीर तपोवन के सुप्रसिद्ध संत,शिक्षाविद् तथा वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर स्वामी अवशेषानंद के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। 

चोपड़ा परिवार के  तीर्थ पुरोहित पंडित अश्वनी कुमार ने अस्थि विसर्जन की क्रिया संपन्न करवाई और नम आंखों से उनके परिजनों और प्रशंसकों ने उन्हें हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर गंगा तट में अंतिम विदाई दी और उन्हें कलम का वीर और निडर योद्धा बताया। 
                
इस अवसर पर गंगा सभा द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गीता कुटीर तपोवन के प्रमुख डॉक्टर स्वामी अवशेषानंद,पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, गंगा सभा के अध्यक्ष पंडित प्रदीप झा ,महामंत्री पंडित तन्मय वशिष्ठ एडवोकेट ,उपाध्यक्ष जितेंद्र विद्याकुल ,गंगा सभा के स्वागत मंत्री डॉक्टर सिद्धार्थ चक्रपाणि ,भविष्य पंडित, मनोज सिखोला,अमेरिका से आए दुर्गा मंदिर के प्रमुख  पंडित  आचार्य ओंकार शर्मा,लाल माता मंदिर के प्रबंधक  भक्त दुर्गादास ,गीता कुटीर तपोवन के प्रबंधक शिव दास दुबे,दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद हसन,प्रेस फोटोग्राफर दयाशंकर,वरिष्ठ पत्रकार गोपाल सिंह रावत ,प्रेस क्लब हरिद्वार के अध्यक्ष राजेश शर्मा,श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महामंत्री मेहताब आलम, पत्रकार सुनील दत्त पांडेय, रामेश्वर गौड़ ,मुकेश वर्मा,वेद प्रकाश चौहान ,राजेंद्र नाथ गोस्वामी, हल्द्वानी से आए वरिष्ठ पत्रकार संजय तलवार ,मथुरा से आए वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार तोमर ,रुड़की से आए पत्रकार जगदीश देशप्रेमी ,संजय चौहान ,ऋषिकेश से आए वरिष्ठ पत्रकार एस के विरमानी,पंजाबी महासभा  हरिद्वार  के अध्यक्ष अमर कुमार ,महामंत्री प्रदीप कालरा ,प्रवीण कुमार, देवेंद्र चावला, संदीप कपूर, नागेश वर्मा ,हरविंदर सिंह, सुनील अरोड़ा ,रवि पाहवा नीलू खन्ना आदि मौजूद थे। सभी ने अपने प्रिय श्री अश्वनी कुमार चोपड़ा के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की।  
        
इस मौके पर सुप्रसिद्ध संत,लेखक,चिंतक,विचारक, शिक्षाविद डॉक्टर स्वामी अवशेषानंद ने कहा कि अश्विनी कुमार चोपड़ा का पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया गया योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे लेखनी के धनी थे और एक निर्भीक पत्रकार थे। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि अश्विनी कुमार चोपड़ा के विचार हर युग में प्रासंगिक रहेंगे । वह मिलनसार मृदुभाषी और मानवतावादी थे। उन्होंने कई सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जोरदार ढंग से लेखन किया । गंगा सभा के अध्यक्ष  पंडित प्रदीप झा ने कहा कि  चोपड़ा की लेखनी  राष्ट्रवादी थी । वे राष्ट्र की प्रमुख समस्याओं को  बड़ी बखूबी से  अपने कलम के माध्यम से  समाज के सामने रखते थे। 
        
गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ एडवोकेट ने कहा कि चोपड़ा ने  हमेशा राष्ट्रप्रेम की भावना से  प्रेरित होकर धारदार ढंग से  लिखा।उनकी लेखनी  निडरता की प्रतीक थी। प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि चोपड़ा युवा पत्रकारों के प्रेरणा स्रोत थे। देश के पत्रकारों की अग्रणी संस्था नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एन यू जे )के उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष सुनील दत्त पांडेय ने कहा कि अश्विनी कुमार चोपड़ा कलम वीर थे । उन्होंने हमेशा देश प्रेम को प्राथमिकता दी । निजी स्वार्थों को त्याग कर उन्होंने राष्ट्र निर्माण में अहम कार्य किया।और भावुक हो गई श्रीमती किरण चोपड़ा
                                   

गीता कुटीर तपोवन हरिद्वार में पहुंचकर देश के जाने माने पत्रकार अश्विनी कुमार चोपड़ा की अर्धांगिनी किरण चोपड़ा बहुत ही भावुक हो गई और अश्विनी जी के साथ गीता कुटीर तपोवन में आई पुरानी यादों में हो गई और एकाएक किरण चोपड़ा के मुंह से यह अमर वाक्य निकले मैं अश्वनी को हरिद्वार छोड़ कर जा रही हूं अपनी दुआएं हमेशा बनाए रखना और यह कहकर वे भावुक हो गई और उनकी आंखें भरी आई और गला रूंध गया। 
         
किरण चोपड़ा अपने परिजनों के साथ गीता कुटीर में आकर सबसे पहले कुटीर के संस्थापक परम श्रद्धेय स्वामी गीतानंद महाराज की समाधि में गई और वहां मत्था टेका और पुष्पांजलि अर्पित की और अपने परिवार के साथ पंजाब केसरी के संस्थापक अपने ससुर लाला जगत नारायण द्वारा बनवाए गए धार्मिक प्रकल्प को देखने गई और गीता कुटीर की गौशाला में जाकर गौ माताओं के दर्शन किये।
                                     
     
आज दोपहर में जब किरण चोपड़ा अश्विनी कुमार चोपड़ा के अस्थि कलश के साथ हर की पैड़ी पर पहुंची तो वहां पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक बड़ी मेज पर रखी उनकी फोटो देखकर उनकी आंखें भर आई ।जब डॉक्टर स्वामी अवशेषानंद ने किरण चोपड़ा से अश्विनी के चित्र पर चंदन का टीका लगाने का आग्रह किया तो भावुक होकर उन्होंने उनके चित्र पर चंदन का टीका लगाया और उनकी आंखें भर आई और माहौल भावुक हो गया ।हर की पैड़ी पर गंगा सभा,गीता कुटीर तपोवन,प्रेस क्लब हरिद्वार,पंजाबी महासभा और व्यापार मंडल द्वारा अपने प्रिय  अश्विनी कुमार चोपड़ा की स्मृति में विनम्र श्रद्धांजलि और शत-शत नमन के बड़े-बड़े बैनर लगाए गए थे । जिससे हर की पैड़ी में गंगा तट का माहौल अश्वनी में हो गया।
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