देहरादून।।भारत सरकार के 'स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय' के आधीन पूरे देश में संचालित योजना एनएचएम में लगभग 10 लाख 22 हजार 265 आशा कार्य रही है। इन आशाओं ओर आशा फैसिलिटेटर बहनों  द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में लोगों को उनके स्वास्थ संबंधी जानकारी देने तथा स्वस्थ सेवाएं प्रदान करने का कार्य करती हैं। इन कार्यों की अवज में सरकार द्वारा आशाओं को कोई मानदेय या वेतन नहीं दिया जाता है। बल्कि उपयोग कार्य के लिए संचालित योजनाओं के अनुसार अल्प प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) का भुगतान किया जाता है।गत वर्ष 11 सितंबर 2018 को  प्रधानमंत्री  के द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के जरिए आशा वर्करों से वार्तालाप किया तथा इंसेंटिव को दोगुना करने का ऐलान किया। किंतु मंत्रालय द्वारा कई कार्यों में इंसेंटिव राशि यथावत ही रखी गई। जिसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है जिसके कारण आशा वर्कर बहुत हताश है।आंकड़ों के अनुसार आशा वर्कर से देश में जच्चा-बच्चा की मृत्यु दर लगभग कम हो चुकी हैं। उक्त कार्य के साथ आशा कर्मियों को महिला एवं बाल विकास विभाग,राजस्व विभाग,सामाजिक कल्याण विभाग और अन्य विभागो की संबंधित कार्य कराये जाते हैं। इसलिए आशा कार्यकत्री,आशा सहयोगिनी एवं आशा फैसिलिटेटर को क्रमश प्रोत्साहन राशि एवं मानदेय की स्थान वेतनमान का भुगतान किया जाना चाहिए।
                                   

अन्य मांगे इस प्रकार हैं- 

1. आशा वर्कर का न्यूनतम वेतनमान 18000 रु और आशा फैसिलिटेटर का 24000 रु प्रतिमाह वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

2. ईपीएफ एवं ईएसआई के दायरे में लाया जाये और पेंशन का भुगतान किया जाये।

3. कार्य के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर 5 लाख रु की राशि का भुगतान बतौर मुआवजा किया जाये।

4. रिटायरमेंट बेनिफिट के रूप में एक मुस्त 5 लाख रु की राशि का भुगतान किया जाये।

5. अनुभवी आशा वर्करों को टीकाकरण की परीक्षण की व्यवस्था की जाए।

6. योगिता अनुसार पदोन्नति प्रदान की जाए।

7. आशा वर्करों को वर्ष में दो बार यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाए।

8. आशा वर्करों हेतु चिकित्सालयों में विश्राम गृह की व्यवस्था की जाए।

9. आशा वर्करों को कार्य-यात्रा हेतु यात्रा भत्ता भुगतान किया जाए।

इन सभी मांगों को लेकर आशा कार्यकत्री और आशा फैसिलिटेटर पूरे देश में प्रदर्शन करेगी।आशा स्वस्थ्य कार्यकत्री संगठन उत्तराखंड (समबन्ध- भारतीय मजदूर संघ) आशा कार्यकत्री और आशा फैसिलेटर बहने दिनांक 8 नवंबर 2019 को उत्तराखंड प्रदेश की राजधानी देहरादून में विशाल रैली और धरना-प्रदर्शन करेंगे ज्ञापन और मांग पत्र उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री को प्रेशित करेंगी। 8 नवंबर की विशाल रैली आशाओ की केंद्रीय उपाध्यक्ष आरती थापा ओर प्रदेश महामंत्री ललितेश विश्वकर्मा के अतिरिक्त भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी भी उपस्तिथ रहेगे।उपयुक्त जानकारी भारतीय मजदूर संघ जिला देहरादून के जिला मंत्री पंकज शर्मा ने दी।
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